Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति कै मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के मिटै न हिय कै शूल।।"
वर्तमान समय में हिंदी शिक्षण की स्थिति पर विचार करना आवश्यक है। इस आलेख में इसी बिंदु को ध्यान में रखकर वर्तमान समय में हिंदी शिक्षण— दशा एवं दिशा पर बात की गई है।
इसमें लेखक द्वारा वर्तमान समय में हिंदी शिक्षण की स्थितियों पर चर्चा की गई है तथा हिंदी शिक्षण में समय की माँग को देखते हुए किन-किन चीज़ों में बदलाव करने की आवश्यकता है और क्यों है, इस पर विचार किया गया है।
साथ ही, इन परिवर्तनों का विद्यार्थियों पर किस प्रकार प्रभाव पड़ रहा है तथा वे हिंदी शिक्षण को किस प्रकार प्रभावित कर रहे हैं, इस पर भी चर्चा की गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में जिस अनुभवात्मक अधिगम शिक्षणशास्त्र की बात की गई है, उसे लागू करने में हिंदी शिक्षण किस प्रकार मददगार साबित हो सकता है, इस पर भी विचार प्रस्तुत किया गया है।