Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
यह शोध लेख हरियाणा के रोहतक जिले में हुई दो शिक्षा-प्रेरित परिवर्तन यात्राओं का विश्लेषण करता है और उन्हें ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा— बुनियादी स्तर (एन.सी.एफ.-एफ.एस.) 2022’ में वर्णित सिद्धांतों एवं दिशा-निर्देशों से जोड़ता है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय खरावड़ और राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय सेक्टर 2, 3, 4 (जी.एम.एस.पी.एस.) के अनुभवों के माध्यम से यह लेख दर्शाता है कि कैसे जमीनी स्तर पर की गई नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियाँ, सामुदायिक सहभागिता और बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियाँ विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियों में महत्वपूर्ण सुधार ला सकती हैं।
इन उदाहरणों का विश्लेषण बुनियादी स्तर के सिद्धांतों के परिप्रेक्ष्य में किया गया है, जिसमें पाठ्यचर्या लक्ष्यों, अधिगम प्रक्रियाओं, शिक्षण रणनीतियों और मूल्यांकन प्रक्रियाओं का उल्लेख सम्मिलित है।
यह लेख शिक्षकों, नीति-निर्माताओं और कार्यान्वयनकर्ताओं को जमीनी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिकल्पना को लागू करने हेतु व्यावहारिक सुझाव प्रदान करता है।