Vol. 49 No. 3 (2026): प्राथमिक शिक्षक
Articles

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली : एक सहक्रियात्मक पहल

अभिषेक वैभव
सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र विभाग), आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय, रांची (झारखंड) – 834004
मैनाक बनर्जी
सहायक प्राध्यापक (प्राणी विज्ञान विभाग), आर.के.डी.एफ. विश्वविद्यालय, रांची (झारखंड) – 834004

Published 2026-07-13

How to Cite

वैभव अ., & बनर्जी म. (2026). राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली : एक सहक्रियात्मक पहल. प्राथमिक शिक्षक, 49(3), p.111-126. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5353

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 और भारतीय ज्ञान प्रणाली के बीच सहक्रियात्मक संबंध भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

लेख में बताया गया है कि एन.ई.पी. 2020 केवल आधुनिक वैश्विक मानकों पर आधारित शिक्षा प्रणाली की बात नहीं करता, बल्कि वह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और दार्शनिक परंपराओं को शिक्षा के साथ जोड़ने पर भी बल देता है।

भारतीय ज्ञान प्रणाली (आई.के.एस.) में वेद, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, गणित, स्थापत्य, लोक कलाएँ, भारतीय भाषाएँ, नैतिक शिक्षा और जीवन कौशल जैसी विविध ज्ञान-परंपराएँ शामिल हैं।

लेख के अनुसार, नई शिक्षा नीति इन विषयों को शिक्षा के सभी स्तरों पर स्थान देने की वकालत करती है, ताकि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, रचनात्मकता, जिज्ञासा और भारतीयता का भाव विकसित हो।

इसके लिए शिक्षक-प्रशिक्षण, पाठ्यचर्या निर्माण, मूल्यांकन प्रणाली और शोध गतिविधियों में भी बदलाव आवश्यक हैं।

लेख में सुझाव दिया गया है कि डिजिटल सामग्री विकास, प्रशिक्षण कार्यक्रम, अंतरविषयक अनुसंधान और आई.के.एस. केंद्रों की स्थापना जैसे प्रयासों से इस लक्ष्य की पूर्ति की जा सकती है।

अंततः यह पहल न केवल भारतीय शिक्षा को समृद्ध बनाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर सक्षम नागरिक भी तैयार करेगी।