Vol. 49 No. 4 (2025): प्राथमिक शिक्षक
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प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र के प्रति अभिवृत्ति का अध्ययन

अवनीश कुमार
शोधार्थी (एम.ए.), शिक्षाशास्त्र विभाग, शिक्षा संकाय, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226007
देवेंद्र कुमार यादव
आचार्य, शिक्षाशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226007

Published 2026-07-13

How to Cite

कुमार अ., & यादव द. क. (2026). प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र के प्रति अभिवृत्ति का अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 49(4), p.48-55. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5330

Abstract

प्रस्तुत शोध-पत्र प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र के प्रति अभिवृत्ति के अध्ययन पर आधारित है। शोध का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के जेंडर (पुरुष एवं महिला) तथा विषय-वर्ग (कला एवं विज्ञान) के आधार पर खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र के प्रति उनके अभिवृत्ति की तुलना करना था।

शोध की प्रकृति वर्णनात्मक सर्वेक्षण पद्धति पर आधारित रही। लखनऊ जनपद के प्राथमिक विद्यालय के 60 शिक्षकों को सुविधा-आधारित न्यादर्श विधि से चुना गया। आँकड़े एक स्व-निर्मित अभिवृत्ति मापनी के माध्यम से एकत्रित किए गए, जिसमें 33 कथन शामिल थे और जिनमें पाँच आयामों (जागरूकता, व्यावहारिकता, लाभ एवं प्रभाव, अभिरुचि तथा सामाजिक समर्थन) को शामिल किया गया।

आँकड़ों का विश्लेषण माध्य, मानक विचलन तथा t-परीक्षण द्वारा किया गया। परिणामों से स्पष्ट हुआ कि पुरुष शिक्षक खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, जबकि विज्ञान एवं कला वर्ग के शिक्षकों की खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र के प्रति अभिवृत्ति में कोई सार्थक अंतर नहीं पाया गया।

अधिकांश शिक्षकों ने खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र को विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता एवं आनंदपूर्ण अधिगम को प्रोत्साहित करने वाला माना।

निष्कर्षतः, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक खिलौना-आधारित शिक्षणशास्त्र को सकारात्मक रूप में स्वीकार करते हैं, किंतु इसके प्रभावी कार्यान्वयन हेतु प्रशिक्षण, संसाधन और प्रशासनिक सहयोग अनिवार्य है।