Vol. 49 No. 1 (2025): प्राथमिक शिक्षक
Articles

सहभागिता और अनुभव आधारित पर्यावरणीय शिक्षा की नवोदित पाठ्यचर्या

अश्विनी कुमार पाठक
पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो, शिक्षा संकाय, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर – 273009

Published 2026-07-13

How to Cite

पाठक अ. क. (2026). सहभागिता और अनुभव आधारित पर्यावरणीय शिक्षा की नवोदित पाठ्यचर्या. प्राथमिक शिक्षक, 49(1), p.111-122. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5298

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पाठ्यपुस्तकों और कक्षा से परे सीखने-सिखाने के विषय पर अधिक संवेदनशील है। पाठ्यचर्या संबंधी विषयों के शिक्षण को कक्षाओं की सीमा से बाहर ले जाकर वास्तविक जीवन और अनुभवों से जोड़ने का सबसे बड़ा लाभ विद्यार्थियों के वैयक्तिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना हो सकता है। विद्यार्थियों में रचनात्मकता, जिज्ञासा और व्यक्तिगत समझ को विकसित करना उनके लिए आजीवन लाभकारी सिद्ध होगा। किताबों और कक्षा के बाहर भी कई समसामयिक संकल्पनाएँ हैं, जिन्हें रचनात्मक अनुभवों से प्राप्त किया जा सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों पर आधारित विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा – विद्यालयी शिक्षा 2023 ने विद्यालयी पाठ्यचर्या की व्यावहारिक रूपरेखा को संतुलित बनाने का प्रयास किया है। पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियाँ वर्तमान समय की एक गंभीर समस्या हैं और एन.ई.पी. 2020 की इस संवेदनशीलता को एन.सी. एफ.-एस.ई. 2023 ने बखूबी समझा है। इसने पूर्व-प्रचलित दृष्टिकोण और शिक्षण-विधियों को संवर्धित करते हुए पर्यावरणीय शिक्षा का एक नवीन, एकीकृत, कौशल-आधारित और आधुनिक शिक्षण-अधिगम उपागमों पर आधारित पाठ्यचर्या प्रारूप विकसित किया है। इस लेख में एन.ई.पी. 2020 और एन.सी.एफ.-एस.ई. 2023 के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षा, पर्यावरणीय जागरूकता, रचनात्मकता और व्यावहारिक कौशल विकास को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है।