Vol. 37 No. 04 (2017): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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स्कूल बच्चों के बीच चर्चा में प्रेमचंद

Published 2025-03-03

Keywords

  • बच्चों में सामाजिक समझ,
  • साहित्यिक धारा

How to Cite

सुमन स. क. (2025). स्कूल बच्चों के बीच चर्चा में प्रेमचंद . भारतीय आधुनिक शिक्षा, 37(04), p. 70-81. http://ejournals.ncert.gov.in/index.php/bas/article/view/3403

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Abstract

ह अध्ययन स्कूल बच्चों के बीच मुंशी प्रेमचंद की साहित्यिक धारा और उनके काम पर चर्चा की प्रक्रिया को समझने पर केंद्रित है। मुंशी प्रेमचंद भारतीय साहित्य के महान लेखक थे, जिनकी रचनाएँ समाज की जटिलताओं और जीवन की सच्चाइयों को दर्शाती हैं। उनके कहानी संग्रह और उपन्यासों ने भारतीय समाज में व्याप्त सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को प्रभावी रूप से उजागर किया है।

इस अध्ययन में यह विश्लेषण किया गया है कि स्कूल बच्चों के बीच प्रेमचंद की रचनाओं पर चर्चा कैसे उनकी सोच और सामाजिक समझ को प्रभावित करती है। प्रेमचंद की कहानियाँ, जैसे "ईदगाह", "गोदान", "कफन", और "बड़े घर की बेटी", बच्चों में संवेदनशीलता, न्याय, समानता और करुणा जैसे मूल्यों को जागरूक करती हैं।

अध्ययन में यह पाया गया कि प्रेमचंद की रचनाओं के माध्यम से बच्चों में समाज के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है और वे सामाजिक मुद्दों पर विचार करने के लिए प्रेरित होते हैं। इसके अलावा, प्रेमचंद के साहित्य का बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे उनकी भाषा कौशल, सोचने की क्षमता और मानवीय भावनाओं की समझ में वृद्धि होती है।