प्रकाशित 2026-07-13
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सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) 2020 में सन 2030 तक 100 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इतने बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा अनिवार्य है। एन.ई.पी. 2020 जोर देते हुए कहता है कि देश “सीखने के संकट” से गुजर रहा है। लगभग 5 करोड़ विद्यार्थी मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान कौशलों से वंचित हैं अर्थात वे समझ के साथ पढ़ने, लिखने तथा मूलभूत गणितीय प्रश्नों को हल करने में सक्षम नहीं हैं। अतः आधार की मजबूती के लिए पूर्व–प्राथमिक स्तर से ही मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान (एफ.एल.एन.) कौशलों का विकास करने के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की तत्काल आवश्यकता महसूस की गई। निपुण भारत मिशन इसी आवश्यकता का परिणाम है। वास्तव में निपुण भारत मिशन ‘समग्र शिक्षा’ का ही एक भाग है, जो वर्ष 2026–2027 तक 3 से 9 वर्ष के बच्चों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान प्राप्त करने हेतु मिशन मोड में कार्य करेगा। प्रस्तुत अध्ययन निपुण भारत मिशन के प्रावधानों में निहित संभावनाओं व चुनौतियों का एक आंशिक आकलन प्रस्तुत करता है।