प्रकाशित 2026-07-13
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सार
वर्तमान समय में शिक्षा एक नवीन समायोजन एवं प्रतिमान-विस्थापन की प्रक्रिया से गुजर रही है। इसी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण बिंदु है— डिजिटल शिक्षा। समकालीन शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल शिक्षा एक उभरती हुई पद्धति है। डिजिटल शिक्षा विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के साथ-साथ सीखने एवं सिखाने की पूरी प्रक्रिया को समृद्ध एवं लचीला बनाने का बुनियादी कार्य कर रही है।
समाज में शिक्षा के मूल उद्देश्यों की प्राप्ति तभी संभव है, जब शिक्षा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचे। इसी बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति के लिए डिजिटल शिक्षा एक वरदान की तरह है।
उपर्युक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत लेख में डिजिटल शिक्षा के मूल समावेशी दृष्टिकोण पर आधारित विभिन्न पहलुओं पर विमर्श प्रस्तुत किया गया है। इस लेख में भारत में डिजिटल शिक्षा की उपयोगिता एवं भविष्य को रेखांकित करने का भी प्रयास किया गया है।
यह लेख शिक्षा के हितधारकों, विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए जो विद्यालयी शिक्षा में अपना योगदान दे रहे हैं, अत्यंत उपयोगी है।