प्रकाशित 2026-07-13
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सार
भारत में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा तक पहुँच एक प्रमुख चिंता का विषय है। उचित बुनियादी ढाँचा होने के बावजूद शिक्षकों की अनुपस्थिति, उनकी कमजोर जवाबदेही, अप्रभावी शिक्षण-सामग्री तथा अपर्याप्त शिक्षण प्रक्रियाएँ आज भी प्राथमिक स्तर के विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता के विकास में प्रमुख बाधाएँ बनी हुई हैं।
हालाँकि निजी विद्यालयों ने अपेक्षाकृत बेहतर बुनियादी ढाँचे के आधार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अपनी पहचान स्थापित करने का प्रयास किया है। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा को सुलभ बनाने हेतु डिजिटल एवं ऑनलाइन अधिगम पर विशेष बल देती है। इसका उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा वर्ष 2030 तक भारत को ‘वैश्विक ज्ञान महाशक्ति’ के रूप में स्थापित करना है।
ब्लेंडेड लर्निंग अथवा मिश्रित अधिगम एक अभिनव शैक्षिक अवधारणा है। यह कक्षा-कक्ष आधारित शिक्षण और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) समर्थित शिक्षण, दोनों के श्रेष्ठ पक्षों को एकीकृत करती है। इसमें सहयोगात्मक अधिगम, रचनात्मक अधिगम, स्व-निर्देशित अधिगम तथा कंप्यूटर-सहायक अधिगम की व्यापक संभावनाएँ निहित हैं।
मिश्रित शिक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुविचारित प्रयास, सकारात्मक दृष्टिकोण, पर्याप्त वित्तीय संसाधन तथा उच्च प्रेरित शिक्षक एवं विद्यार्थी आवश्यक होते हैं। चूँकि यह विविध माध्यमों और तकनीकों का समावेश करता है, इसलिए इसका संचालन अपेक्षाकृत जटिल होता है तथा इसे व्यवस्थित रूप से लागू करना चुनौतीपूर्ण कार्य है।
प्रस्तुत शोध-पत्र में मिश्रित अधिगम की अवधारणा, उसकी प्रमुख विशेषताओं तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई है।