प्रारंभिक स्तर पर शिक्षकों तथा शोधार्थियों के लिए पैमाना निर्माण तथा मानकीकरण की प्रक्रिया : एक उदाहरण
प्रकाशित 2026-07-13
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सार
एक शिक्षक का प्रमुख गुण यह है कि उसमें शोध करने का नज़रिया और शोध द्वारा समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता हो। एक शिक्षक से अपेक्षा की जाती है कि वह विद्यालय में शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया के दौरान शिक्षण कार्य में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण करे और शोध के माध्यम से ऐसी शिक्षणशास्त्रीय विधियों एवं प्रविधियों का चयन करे, जिससे विद्यार्थियों द्वारा सीखने के प्रतिफलों को सरलता से प्राप्त किया जा सके तथा अधिगम सुगम और आनंददायक बन सके।
कई बार शिक्षण-अधिगम की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों द्वारा कक्षा में विभिन्न प्रकार के शोध उपकरण प्रयोग में लाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, किसी विषय के प्रति विद्यार्थियों की अभिवृत्ति, रुचि और कौशल को जानने के लिए अवलोकन अनुसूची, जाँच सूची और लिकर्ट आधारित पैमाने आदि का उपयोग किया जाता है।
इस शोधकार्य में शोधार्थी ने प्रारंभिक स्तर पर गणित विषय में विद्यार्थियों में अर्थपूर्ण अधिगम का पता लगाने के लिए अर्थपूर्ण अधिगम पैमाने के निर्माण की प्रक्रिया को एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया है।
शोधकर्ता ने कक्षा 8 के विद्यार्थियों के लिए गणित में अर्थपूर्ण अधिगम पैमाना विकसित किया है, जिसके लिए आँकड़ों का संकलन अक्टूबर 2022 में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित कुल चार सह-शिक्षा (Co-Ed) सर्वोदय विद्यालयों से किया गया है।
शोधार्थी द्वारा इस शोध-पत्र में अर्थपूर्ण अधिगम पैमाने के निर्माण के समस्त चरणों एवं उसके मानकीकरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है। निश्चित रूप से यह शोधकार्य शिक्षकों और शोधार्थियों को उपकरण निर्माण एवं मानकीकरण करने में सहायता प्रदान करेगा।