प्रकाशित 2026-07-13
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सार
भाषा जीवन के विविध पक्षों को आत्मसात करने और फिर उसे दूसरों के लिए अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण उपकरण है। इसलिए बच्चों में भाषा शिक्षण का महत्व बढ़ जाता है।
बच्चों को भाषा सिखाना ज़रूरी है, किंतु यदि यह पुस्तकों के बोझ के बदले खेलों के आनंद के साथ हो तो अधिक उपयोगी हो सकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के साथ आई बालवाटिका इस दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
इसके साथ ही खिलौनों के ज़रिए बच्चों को गतिविधियों में शामिल करने तथा इस प्रक्रिया में भाषा सिखाने का कदम बच्चों को बस्ते के बोझ से मुक्त करेगा तथा उनमें पढ़ने के प्रति स्वाभाविक रुचि के विकास में सहायक होगा।
भाषा शिक्षण का यह आसान और मज़ेदार लगने वाला तरीका बिना प्रशिक्षित शिक्षकों के बोझिल और उबाऊ हो जाएगा। शिक्षकों के साथ ही भाषा के विकास में परिवार और समुदाय की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
समुदाय के शब्द-भंडार के भीतर से ही बच्चे अपने शब्द चुन सकते हैं। इन शब्द-भंडारों को बच्चों तक पहुँचाने वाली रा.शै.अ.प्र.प. की पाठ्यपुस्तकें बच्चों के प्राथमिक स्तर के भाषा शिक्षण का महत्वपूर्ण साधन हैं। ये पाठ्यपुस्तकें बच्चों की विभिन्न अवस्थाओं के अनुसार बनाई गई हैं।