खंड 47 No. 2 (2023): प्राथमिक शिक्षक
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गिजुभाई के शैक्षिक नवाचार प्रयोगों की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रासंगिकता

एकता इंगले
सहायक प्राध्यापिका, सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय, उज्जैन, मध्य प्रदेश।

प्रकाशित 2026-07-13

सार

गिजुभाई बाल साहित्य के रचयिता, समर्पित प्रयोगवादी शिक्षक एवं शिक्षाविद् थे। गिजुभाई पेशे से भले ही एक वकील रहे हों, मगर उनके पास एक शिक्षक की दृष्टि थी और वह बाल-दृष्टि भी थी, जो नन्हें बच्चों की आँखों में उनकी जिज्ञासा, उनकी शिक्षा, उनकी रुचि एवं उनकी उमंग को अपने ढंग से देखने में सक्षम थी।

वे भारतीय शिक्षा को समर्पित एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने सर्वप्रथम शिक्षा जगत में नवाचारी शैक्षिक प्रयोग कर बालकेंद्रित शिक्षा की संकल्पना स्थापित करने हेतु अथक प्रयास किए।

उनके शैक्षिक नवाचार प्रयोगों का सार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, प्राचीन एवं भारतीय परंपरा, ज्ञान तथा वैज्ञानिक वैचारिक दृष्टिकोण को सभी के लिए मुहैया कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

गिजुभाई के तात्कालिक शैक्षिक नवाचार प्रयोग विद्यार्थियों में तर्कसंगत विचार, रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति तथा नैतिक मूल्यों का सृजन करते हैं।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थियों में इन्हीं समग्र मूल्यों को स्थापित करने के लिए प्रेरित करती है, जिससे यह प्रमाणित होता है कि गिजुभाई के शैक्षिक नवाचार प्रयोग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी प्रासंगिक हैं।