प्राथमिक स्तर पर अल्पसंख्यक समुदाय की शालात्यागी बालिकाओं के विद्यालय छोड़ने-संबंधी कारकों का अध्ययन
प्रकाशित 2026-07-13
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सार
शालात्यागी बालिकाओं से तात्पर्य उन प्रतिभागियों से है जो किसी कारणवश अपने शैक्षिक चक्र या शिक्षा पूर्ण करने से पहले ही स्कूल की सदस्यता छोड़ देती हैं।
इस शोध पत्र में प्राथमिक स्तर पर अल्पसंख्यक समुदाय की शालात्यागी बालिकाओं की पारिवारिक और संस्थागत पृष्ठभूमि का अध्ययन किया गया है। इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय की बालिकाओं के परिप्रेक्ष्य में विद्यालय छोड़ देने संबंधी कारकों के अध्ययन का भी प्रयास किया गया है।
प्रतिदर्श इकाई के रूप में पश्चिम बंगाल राज्य के मुर्शिदाबाद जनपद के कुल 32 अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय की शालात्यागी बालिकाओं तक तुषार-पिंडीय प्रतिचयन विधि द्वारा पहुँचा गया और उनकी प्रतिक्रियाएँ ली गईं।
प्रदत्त संकलन हेतु उपकरण के रूप में स्वनिर्मित प्रश्नावली का उपयोग किया गया है।
इस शोध अध्ययन में परिणामस्वरूप यह पाया गया है कि अधिकतम अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय की शालात्यागी बालिकाओं का संबंध सामान्य वर्ग संयुक्त परिवार से है तथा इनके अभिभावक कम शिक्षित हैं।
वहीं व्यावसायिक रूप से अधिकतर लड़कियों के पिता दैनिक मज़दूर और माताएँ गृहिणी हैं।
संस्थागत पृष्ठभूमि के आधार पर यह ज्ञात होता है कि अधिकांश अल्पसंख्यक (मुस्लिम) समुदाय की शालात्यागी बालिकाएँ ग्रामीण क्षेत्र से तथा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नामांकित थीं।
वहीं अधिकांश प्रतिभागियों ने पारिवारिक गरीबी, व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या और घरेलू कार्य में संलिप्तता को प्राथमिक स्तर पर विद्यालय छोड़ देने का प्रभावी कारक माना है।