खंड 47 No. 1 (2023): प्राथमिक शिक्षक
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प्राथमिक स्तर पर बच्चों में सकारात्मक गणितीय विश्वास उत्पन्न करने के लिए खिलौना-आधारित शिक्षाशास्त्र

पुष्पेन्द्र यादव
पीएच.डी. शोधार्थी, शिक्षा विभाग (केंद्रीय शिक्षा संस्थान), दिल्ली विश्वविद्यालय, 33, छात्र मार्ग, दिल्ली – 110007।
रूचि राणा
पीएच.डी. शोधार्थी, शिक्षा संकाय (कमच्छा), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी – 221010।

प्रकाशित 2026-07-13

सार

हम जानते हैं कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष संज्ञानात्मक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। यह वह समय होता है जब बच्चों का विश्वास विभिन्न वस्तुओं और स्कूली विषयों के प्रति बन रहा होता है। सूचना का एक बड़ा प्रवाह सभी दिशाओं से उनकी ओर आ रहा होता है। इस उम्र में उनमें जानकारी को वैज्ञानिक रूप से सत्यापित करने की प्रवृत्ति नहीं होती है। यदि इस उम्र में उनके विश्वास तंत्र (Belief System) में अमान्य अवधारणाएँ और गलत सूचनाएँ आ जाती हैं, तो उनका बच्चों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।

गणित की जानकारी बच्चों के लिए उपयोगी है। अगर ध्यान न दिया जाए तो गणित विषय से संबंधित कई तरह के गैर-लाभकारी विश्वास (Non-Availing Beliefs) बन जाते हैं, जैसे— गणित बहुत नीरस विषय है, गणित बहुत कठिन विषय है, गणित को समझना सरल नहीं है इत्यादि।

जिस कारण छोटी उम्र में ही बच्चों के मस्तिष्क में गणित विषय के प्रति डर या फोबिया बन जाता है, जो उनके विश्वास तंत्र में शामिल हो जाता है और उनकी गणितीय उपलब्धि को प्रभावित करता है।