खंड 49 No. 2 (2026): प्राथमिक शिक्षक
Articles

क्रॉस-डिसेबिलिटी, प्रारंभिक हस्तक्षेप और विद्यालय तत्परता पाठ्यक्रम रूपरेखा की जागरूकता और कार्यान्वयन

विकास त्रिवेदी
पीएच.डी. शोधार्थी, शिक्षा विभाग, मानव रचना विश्वविद्यालय, फरीदाबाद – 121012।

प्रकाशित 2026-07-13

सार

प्रस्तुत अध्ययन भारत में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षकों के बीच क्रॉस-डिसेबिलिटी समावेशन, प्रारंभिक हस्तक्षेप तथा विद्यालय तत्परता संबंधी पाठ्यचर्या ढाँचों जैसे— पहल, निपुण समावेशी और पंचकोश के प्रति जागरूकता और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन करता है।

इसका उद्देश्य यह समझना है कि इन राष्ट्रीय पहलों की वास्तविक पहुँच और प्रभाव शिक्षकों के शिक्षण व्यवहार में किस सीमा तक परिलक्षित होते हैं।

शोध में 1175 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जिनका चयन उद्देश्यपूर्ण नमूना चयन विधि द्वारा किया गया। इन प्रतिभागियों में विभिन्न शैक्षिक पृष्ठभूमियों और अनुभव स्तर वाले वे शिक्षक सम्मिलित थे, जो प्रारंभिक शिक्षा, समावेशी शिक्षण और बाल विकास के क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत हैं।

डेटा संग्रह हेतु एक स्वविकसित प्रश्नावली का प्रयोग किया गया, जिसकी विषयवस्तु वैधता विशेषज्ञों की समीक्षाओं के आधार पर सुनिश्चित की गई। इसके लिए शिक्षा, समावेशी शिक्षा तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के क्षेत्रों में कार्यरत विशेषज्ञों से परामर्श लिया गया, जिससे मापदंडों की प्रासंगिकता और शोध उद्देश्यों के अनुरूपता सुनिश्चित की जा सके।

प्राथमिक निष्कर्षों से यह संकेत मिलता है कि अधिकांश शिक्षक इन महत्वपूर्ण ढाँचों से अभी भी अपरिचित हैं और क्रॉस-डिसेबिलिटी समावेशन तथा विद्यालय तत्परता कार्यक्रमों का व्यावहारिक क्रियान्वयन बहुत सीमित है।

जिन शिक्षकों ने औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है, वे अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी रूप से समावेशी शिक्षण प्रथाओं को अपनाते हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षक जागरूकता और समावेशी क्रियान्वयन के बीच एक सकारात्मक सह-संबंध भी परिलक्षित हुआ।

यह अध्ययन नीति-निर्माताओं, शिक्षक शिक्षा संस्थानों एवं स्कूल प्रशासन के लिए इस बात का संकेत है कि व्यवस्थित हस्तक्षेप एवं पुनःप्रशिक्षण कार्यक्रमों की सुदृढ़ आवश्यकता है, जिससे समावेशी और सतत प्रारंभिक शिक्षा की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जा सके।