खंड 49 No. 4 (2025): प्राथमिक शिक्षक
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परियोजना आधारित विज्ञान शिक्षा : प्राथमिक स्तर पर शैक्षणिक उपलब्धि का अध्ययन

आशुतोष प्रभाकर
शिक्षक, रामेश्वर मध्य विद्यालय, सलेमपुर, टेकारी, बिहार – 824236

प्रकाशित 2026-07-13

सार

प्रस्तुत शोध अध्ययन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की ‘विज्ञान शिक्षा की उपलब्धि पर परियोजना आधारित शिक्षण अर्थात् पी.बी.एल. के प्रभाव का अध्ययन’ करना है। इसमें विशेष रूप से, थीम ‘हम बनाएँगे अपना विद्युत उपकरण’ के प्रभाव की जाँच विज्ञान उपलब्धि, लैंगिक आधार और उपलब्धि स्तर के आधार पर की गई है।

इस प्रयोगात्मक शोध में एकल-समूह, पूर्व-परीक्षण–उत्तर-परीक्षण अभिकल्प का प्रयोग किया गया है। न्यादर्श के रूप में बिहार राज्य के गया जिले के टेकारी प्रखंड स्थित रामेश्वर मध्य विद्यालय, सलेमपुर से कक्षा सातवीं के कुल 44 विद्यार्थियों (31 छात्राएँ और 13 छात्र) का चयन किया गया।

आँकड़ों के संकलन के लिए एक स्व-निर्मित विज्ञान उपलब्धि परीक्षण का प्रयोग किया गया, जिसकी विश्वसनीयता 0.81 (क्रोनबैक अल्फा) पाई गई। विद्यार्थियों को 10 दिनों तक पी.बी.एल. आधारित शिक्षण प्रदान किया गया।

परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि पी.बी.एल. का छात्रों की विज्ञान उपलब्धि पर सकारात्मक एवं सार्थक प्रभाव पड़ा। समग्र रूप से, पूर्व-परीक्षण और उत्तर-परीक्षण के प्राप्तांकों में सार्थक अंतर (t = 11.37, p < .001) पाया गया।

छात्राओं के प्राप्तांकों में महत्वपूर्ण वृद्धि (पूर्व-परीक्षण माध्य = 60.56, उत्तर-परीक्षण माध्य = 83.18, t = 14.26) देखी गई। इसी प्रकार, छात्रों के प्राप्तांकों में भी सार्थक सुधार (पूर्व-परीक्षण माध्य = 8.54, उत्तर-परीक्षण माध्य = 12.92, t = 6.89) पाया गया।

दोनों समूहों में मानक विचलन में कमी ने सीखने की प्रक्रिया में एकरूपता को दर्शाया है। यह अध्ययन विज्ञान शिक्षण में पी.बी.एल. की प्रभावशीलता को प्रमाणित करता है और भविष्य में इसके व्यापक प्रयोग की संभावनाओं को इंगित करता है।

शोध से प्राप्त निष्कर्ष शिक्षकों और शिक्षा नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ प्रस्तुत करते हैं।