सार
विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य एवं खुशहाली/कुशलक्षेम (स्वास्थ्य, सुरक्षा और समृद्धि की स्थिति) उनके समग्र विकास के लिए बहुत जरूरी है। यह न केवल उन्हें सुरक्षित महसूस करने में मदद करता है, बल्कि उनके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक गुणों और जीवन कौशलों को भी बढ़ावा देता है। लेकिन जब हम दुनिया और अपने देश में विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति को देखते हैं, तो पता चलता है कि वे कई तरह की मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। खासकर भारत में, यह समस्या हाल के वर्षों में और भी गंभीर हो गई है। इस विषय को गहराई से समझने के लिए इस शोध आलेख में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर किए गए अध्ययनों के आधार पर बताया गया है। विशेष रूप से, भारत सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदम, जैसे — मनोदर्पण पहल, पर विस्तार से चर्चा की गई है। प्रस्तुत शोध आलेख में इस पहल की शुरुआत, इसकी संरचना और इसके काम करने के तरीके को सरल रूप में समझाया गया है। इसके अलावा, इस आलेख में बताया गया है कि विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति सुधारने और उनके खुशहाल जीवन के लिए मनोदर्पण पहल के तहत कौन-कौन सी गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं। अंत में, इन सभी बातों के आधार पर इस आलेख को एक सारांश के साथ समाप्त किया गया है।