Vol. 47 No. 4 (2023): प्राथमिक शिक्षक
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सीखने के प्रतिफलों व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में कक्षा 8 के लिए विज्ञान विषय की पाठ्यपुस्तक का समीक्षात्मक अध्ययन

नीतू पटेल
सहायक अध्यापिका (संविदा), केंद्रीय विद्यालय संख्या 2, जे.एल.ए., बरेली (उ.प्र.) – 243001
शिव नंदन सिंह
शोधार्थी (एम.एड.), शिक्षा एवं सहबद्ध विज्ञान संकाय, महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली (उ.प्र.) – 243006

Published 2026-07-13

How to Cite

पटेल न., & सिंह श. न. (2026). सीखने के प्रतिफलों व राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में कक्षा 8 के लिए विज्ञान विषय की पाठ्यपुस्तक का समीक्षात्मक अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 47(4), p.93-100. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5432

Abstract

आधुनिक युग विज्ञान का युग है और वैज्ञानिक आविष्कारों के द्वारा ही हमारा आधुनिक जीवन हमारे पूर्वजों की अपेक्षा अधिक सुविधापूर्ण होता जा रहा है। विज्ञान के माध्यम से मानवोपयोगी विभिन्न पद्धतियों का विकास हुआ है।

आज के युग में जितना महत्व सामाजिक शिक्षा, नैतिक शिक्षा, दार्शनिक शिक्षा तथा अन्य विषयों का है, उससे कहीं अधिक महत्व विज्ञान विषय का है। विज्ञान व्यक्तियों को रूढ़िवादिता एवं अंधविश्वास से मुक्त कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करता है। अतः विज्ञान तथा उसकी विभिन्न शाखाओं का ज्ञान प्रदान करना अनिवार्य हो जाता है।

ऐसी स्थिति में यह समीक्षा करना आवश्यक है कि विद्यार्थियों को विज्ञान की शिक्षा किस प्रकार प्रदान की जा रही है। इसी उद्देश्य से प्रस्तुत समीक्षात्मक अध्ययन में शोधार्थियों द्वारा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (रा.शै.अ.प्र.प.) द्वारा कक्षा 8 के विद्यार्थियों हेतु प्रकाशित विज्ञान विषय की पाठ्यपुस्तक ‘विज्ञान—कक्षा 8 के लिए पाठ्यपुस्तक’ (मार्च 2022 संस्करण) की समीक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में करने का प्रयास किया गया है।