उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों की कार्य-संतुष्टि पर व्यावसायिक दक्षता एवं अभिवृत्ति के प्रभाव का अध्ययन
Published 2026-07-13
How to Cite
Abstract
21वीं सदी तेजी से हो रहे परिवर्तन की सदी है, जहाँ अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रगति के प्रतिमान निरंतर नए-नए आयाम प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे समय में समाज में शिक्षकों की कार्य-संतुष्टि, व्यावसायिक दक्षता एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति को जानना आवश्यक हो जाता है।
शोधकर्ता ने उपर्युक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए इस विषय का चयन किया है, जिससे शिक्षकों की कार्य-संतुष्टि, व्यावसायिक दक्षता एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति को समझने में सहायता मिल सके तथा यह देखा जा सके कि क्या कार्य-संतुष्टि का व्यावसायिक दक्षता एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति से संबंध है तथा कार्य-संतुष्टि के निर्माण में इन दोनों का योगदान है या नहीं।
प्रस्तुत शोध-लेख में उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों की कार्य-संतुष्टि पर व्यावसायिक दक्षता एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति के प्रभाव का अध्ययन किया गया है। इस अध्ययन में शोधकर्ता द्वारा प्रयागराज जनपद के उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत 100 शिक्षकों का चयन सरल यादृच्छिक प्रतिचयन विधि द्वारा किया गया।
आँकड़ों के संकलन के लिए मीरा दीक्षित द्वारा निर्मित ‘कार्य-संतुष्टि मापनी’, उम्मे कुलसुम द्वारा निर्मित ‘व्यावसायिक अभिवृत्ति मापनी’ तथा शोधकर्ता द्वारा स्वनिर्मित ‘व्यावसायिक दक्षता मापनी’ का प्रयोग किया गया।
आँकड़ों के विश्लेषण एवं व्याख्या के लिए गुणनफल आघूर्ण सह-संबंध गुणांक (Product Moment Correlation) तथा बहु-प्रतिगमन विश्लेषण (Multiple Regression Analysis) जैसी सांख्यिकीय विधियों का उपयोग किया गया।
निष्कर्षों में पाया गया कि उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों की कार्य-संतुष्टि एवं व्यावसायिक दक्षता तथा कार्य-संतुष्टि एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति के मध्य सार्थक सह-संबंध विद्यमान है, जबकि व्यावसायिक दक्षता एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति के मध्य कोई महत्वपूर्ण सह-संबंध नहीं पाया गया।
साथ ही, प्राप्त पूर्व-कथन गुणांक (0.798) से यह स्पष्ट हुआ कि व्यावसायिक दक्षता और व्यावसायिक अभिवृत्ति, कार्य-संतुष्टि के पूर्वानुमान में 79.80 प्रतिशत योगदान देती हैं, जबकि शेष 20.20 प्रतिशत योगदान अन्य चरों का है।
अंततः, इस शोध-लेख में शिक्षकों की विभिन्न आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनकी कार्य-संतुष्टि, व्यावसायिक दक्षता एवं व्यावसायिक अभिवृत्ति के उच्चतम विकास हेतु आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए गए हैं।