Vol. 47 No. 2 (2023): प्राथमिक शिक्षक
Articles

वर्तमान परिदृश्य में प्राथमिक शिक्षकों के अनुसार महत्वपूर्ण जीवन कौशल : एक अध्ययन

अभिषेक कुमार मौर्य
राधाकृष्णन इंटर्न, शिक्षा संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय।
आंचल पाण्डेय
रिसर्च एसोसिएट, आई.ओ.ई., शिक्षा संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय।
अंजलि बाजपेयी
प्रोफेसर, शिक्षा संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय

Published 2026-07-13

How to Cite

मौर्य अ. क., पाण्डेय आ., & बाजपेयी अ. (2026). वर्तमान परिदृश्य में प्राथमिक शिक्षकों के अनुसार महत्वपूर्ण जीवन कौशल : एक अध्ययन. प्राथमिक शिक्षक, 47(2), p.28-39. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5395

Abstract

जीवन कौशल मानवीय अनुकूलन और सकारात्मक व्यवहार की वे क्षमताएँ हैं, जो व्यक्ति को दैनिक जीवन की आवश्यकताओं और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाती हैं। इन जीवन कौशलों को सीखा और सुधारा जा सकता है।

जीवन कौशल का अर्थ है— प्रत्येक व्यक्ति में किसी न किसी प्रकार का कौशल अवश्य होना। केवल व्यक्ति को अपने अंदर के कौशल को जानने और पहचानने की आवश्यकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (1997) ने दस जीवन कौशलों को व्यक्त किया है— आत्म-जागरूकता, प्रभावी संचार कौशल, पारस्परिक संबंध, आलोचनात्मक सोच, रचनात्मक सोच, निर्णय लेना, समस्या समाधान, सहानुभूति, तनाव से मुकाबला और भावनाओं से मुकाबला करना।

यह शोध-पत्र प्राथमिक शिक्षकों द्वारा दिए गए सुझावों से कुछ अन्य जीवन कौशलों को जानने और समझने पर केंद्रित है, जिन्हें प्राथमिक स्तर पर जीवन कौशल के पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।

वर्तमान अध्ययन में विवरणात्मक सर्वेक्षण का प्रयोग किया गया है। प्रतिदर्श चयन के लिए आकस्मिक (एक्सीडेंटल) प्रतिचयन विधि का प्रयोग किया गया है। प्रस्तुत अध्ययन में 71 प्राथमिक शिक्षकों से प्रतिक्रियाएँ प्राप्त की गई हैं।

इसमें हिंदी और अंग्रेज़ी भाषाओं में स्वनिर्मित ‘प्राथमिक स्तर के लिए जीवन कौशल मापनी’ उपकरण का प्रयोग किया गया है, जिसमें दस प्रश्न ‘हाँ’, ‘नहीं’ और कारण के साथ उपस्थित थे। इनमें नौ प्रश्न जीवन कौशल से संबंधित तथा एक प्रश्न अन्य सुझावों से संबंधित था।

परिणाम में यह पाया गया कि प्राथमिक शिक्षकों ने आशावादी कौशल, क्रोध प्रबंधन कौशल और नैतिक मूल्य कौशल को अधिक प्राथमिकता दी है।