Vol. 49 No. 1 (2025): प्राथमिक शिक्षक
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पर्यावरण शिक्षा और हिंदी भाषा के एकीकरण में रा.शै.अ.प्र.प. की हिंदी पाठ्यपुस्तक की भूमिका

टीशा गोस्वामी
पीएच.डी. शोधार्थी, शिक्षक प्रशिक्षण और अनौपचारिक शिक्षा विभाग, शिक्षा संकाय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली – 110025
असार अहमद
असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षक प्रशिक्षण और अनौपचारिक शिक्षा विभाग, शिक्षा संकाय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली – 110025

Published 2026-07-13

How to Cite

गोस्वामी ट., & अहमद अ. (2026). पर्यावरण शिक्षा और हिंदी भाषा के एकीकरण में रा.शै.अ.प्र.प. की हिंदी पाठ्यपुस्तक की भूमिका. प्राथमिक शिक्षक, 49(1), p.103-110. https://ejournals.ncert.gov.in/index.php/pp/article/view/5297

Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यार्थी के समग्र विकास और भाषा की समझ दोनों के लिए अंतर्विषयात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। इस दृष्टिकोण के आलोक में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की प्रारंभिक (प्रिपरेटरी) स्तर (कक्षा 3–5) की पाठ्यपुस्तक हिंदी भाषा को पर्यावरणीय शिक्षा के साथ एकीकृत करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशानिर्देशों का पालन करती है। यह हिंदी भाषा सीखने के साथ-साथ संरक्षण और स्थिरता से संबंधित मूल्यों को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को आकार देने में भी मदद करती है। शिक्षक-शिक्षण और सीखने के संसाधनों के रूप में हिंदी की पाठ्यपुस्तक में बाल-केंद्रित शैक्षणिक दृष्टिकोण का पालन भी किया गया है।