प्रकाशित 2026-07-14
##submission.howToCite##
##plugins.generic.shariff.share##
सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उद्यमिता शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशलों — जैसे नवाचार, समस्या-समाधान और रचनात्मकता — का विकास करना है। भारत एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यक्रम और पाठ्यक्रम शिक्षा प्रणाली में व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षण विधियों को शामिल करने पर बल देते हैं, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़े उद्यमिता कौशल सिखाए जा सकें। इन प्रयासों का उद्देश्य आत्मनिर्भर एवं उद्यमशील समाज का निर्माण करना है।
इस शोध-पत्र में शोधार्थी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बैचलर इन एजुकेशन (बी.एड.) प्रशिक्षु-शिक्षकों में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करने हेतु तीन अनुभवात्मक गतिविधियों का आयोजन किया—
- सफल भारतीय उद्यमियों की भूमिका निभाना
- स्थानीय व्यवसायियों के साथ साक्षात्कार
- विद्यार्थी उद्यमियों के साथ संवाद एवं साक्षात्कार
इन गतिविधियों को क्रमशः “किस्से जो बन गए सबक”, “मेरी कहानी मेरी जुबानी” तथा “नन्हे उद्यमी के बड़े सपने” नाम दिए गए। इनके माध्यम से प्रशिक्षु-शिक्षकों को व्यावहारिक एवं वास्तविक जीवन से जुड़े उद्यमिता कौशल सिखाने का प्रयास किया गया।
इस शोध-अध्ययन में गुणात्मक तथ्यों एवं जानकारियों का विश्लेषण किया गया, जिसमें प्रशिक्षु-शिक्षकों के अनुभवों तथा उनकी अधिगम प्रक्रिया का मूल्यांकन किया गया। अध्ययन के परिणामों से ज्ञात हुआ कि इन गतिविधियों ने प्रशिक्षु-शिक्षकों के ज्ञान में वृद्धि की तथा उनमें उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
यह शोध-अध्ययन विद्यार्थियों, अध्यापकों, शिक्षक-प्रशिक्षकों, शिक्षाविदों, पाठ्यक्रम निर्माताओं एवं नीति-निर्माताओं को भावी शिक्षकों में उद्यमशील सोच विकसित करने हेतु ऐसी नवीन गतिविधियों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।