खंड 45 No. 1 -2 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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विद्यालयी शिक्षा में विधिक शिक्षा द्वारा न्याय, समानता और समावेशिता सुनिश्चित करने वाले नए कानूनों की भूमिका का विश्लेषण

गौरी श्रीवास्तव
आचार्य, सामाजिक विज्ञान शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली – 110016

प्रकाशित 2026-07-14

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सार

हाल ही में भारत सरकार द्वारा भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 नामक नए आपराधिक कानून लागू किए गए हैं। इनका उद्देश्य समय पर न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाना है।

ये नए कानून औपनिवेशिक विरासत को समाप्त करने तथा आपराधिक न्याय प्रणाली को समकालीन सामाजिक वास्तविकताओं और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनका विशेष उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित समूहों, महिलाओं और बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करना तथा उनकी गरिमा और कल्याण सुनिश्चित करना है।

नए आपराधिक कानूनों में वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर, सुरक्षा अधिकारियों, परामर्शदाताओं और आश्रय-व्यवस्थाओं के माध्यम से पीड़ितों को सहायता, सुरक्षा, मुआवज़ा और पुनर्वास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही, ये कानून सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक सुदृढ़ प्रणाली स्थापित करते हैं तथा आतंकवाद के विरुद्ध सुरक्षा उपायों को भी मजबूत बनाते हैं।

ये प्रावधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हैं, जिसमें न्याय की व्यापक पहुँच, समयबद्ध वितरण तथा सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर विशेष बल दिया गया है।