Published 2026-07-14
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Abstract
उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा बुनियादी साक्षरता के महत्व को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2020 में ‘मिशन प्रेरणा’ की शुरुआत की गई, जिसे बाद में ‘निपुण मिशन’ में रूपांतरित किया गया। इस मिशन के अंतर्गत कक्षा 1 से 3 तक के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को भाषा एवं गणित की दक्षताओं में आयु और कक्षा के अनुरूप निपुण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
भाषा एवं गणित के शिक्षण-अधिगम को आनंददायक और रोचक बनाने के लिए शिक्षक संदर्शिकाओं (Teacher Guides) का विकास किया गया। इसी आधार पर यह शोध-अध्ययन किया गया है। शोध का मुख्य उद्देश्य शिक्षक संदर्शिका के उपयोग में आने वाली चुनौतियों का अध्ययन करना तथा उसके प्रभावी उपयोग हेतु शिक्षकों के सुझाव प्राप्त करना था।
इस अध्ययन में वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया। वाराणसी जनपद के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 3 तक भाषा एवं गणित पढ़ाने वाले 150 शिक्षकों का चयन यादृच्छिक प्रतिदर्शन विधि द्वारा किया गया। आँकड़ों के संकलन हेतु शोधार्थियों द्वारा स्वनिर्मित ‘शिक्षक संदर्शिका अनुप्रयोग प्रश्नावली’ का उपयोग किया गया तथा विश्लेषण के लिए प्रतिशत एवं विषयवस्तु विश्लेषण प्रविधि अपनाई गई।
अध्ययन के निष्कर्षों से ज्ञात हुआ कि शिक्षक संदर्शिका शिक्षकों के लिए एक प्रभावी मार्गदर्शिका के रूप में कार्य कर रही है और इसका उपयोग शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु किया जा रहा है। साथ ही यह भी पाया गया कि संदर्शिका की विषयवस्तु को और अधिक सरल बनाने तथा प्रभावी समय-प्रबंधन पर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि इसे अधिक उपयोगी बनाया जा सके।
इसके लिए शिक्षणशास्त्रियों, शैक्षिक प्रशासकों, शिक्षकों एवं अन्य हितधारकों को विभागीय कार्यों, शिक्षण-योजना, अधिगम सामग्री तथा भाषायी जटिलताओं पर मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे शिक्षक संदर्शिका को और अधिक प्रासंगिक एवं प्रभावी बनाया जा सके।