Vol. 45 No. 1 -2 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
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अक्षरदात्री माँ श्रीमती वेल्दी होनसिंगर फिशर

रश्मि श्रीवास्तव
सह-आचार्य (बी.एड. विभाग), महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 226018

Published 2026-07-14

How to Cite

श्रीवास्तव र. (2026). अक्षरदात्री माँ श्रीमती वेल्दी होनसिंगर फिशर. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 45(1 -2), p.53-61. https://doi.org/10.64742/b7xgm487

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Abstract

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसाओं के अनुसार भारत सरकार ने वर्ष 2022–2027 तक की पाँच वर्षीय अवधि के लिए ‘न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम’ नामक एक केंद्र प्रायोजित योजना प्रारंभ की है, जिसे लोकप्रिय रूप से ‘उल्लास’ (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) के नाम से जाना जाता है। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वयस्कों को सशक्त बनाना है।

यह योजना शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने तथा संख्याज्ञान कौशल विकसित करने में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आजीवन अधिगम को भी प्रोत्साहित करती है। इसके अतिरिक्त, जीवन कौशलों की समझ विकसित कर उन्हें अधिक सक्षम और समृद्ध बनाने का प्रयास करती है।

वर्षों पूर्व महात्मा गाँधी की प्रेरणा से विदेशी शिक्षाविद् वेल्दी होनसिंगर फिशर ने भारत में साक्षरता प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया तथा अनेक अभिनव शैक्षिक प्रयोग किए। लखनऊ में उन्होंने ‘साक्षरता निकेतन’ की स्थापना की। संस्था के प्रशासन हेतु उन्होंने इंडिया लिटरेसी बोर्ड की स्थापना भी की, जो वर्तमान में वयस्क एवं अनौपचारिक शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अग्रणी संस्थान माना जाता है।

इस लेख में वेल्दी फिशर के कार्यों के साथ-साथ लिटरेसी हाउस की उपलब्धियों तथा वर्तमान समय में साक्षरता एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे उसके योगदान का विस्तृत उल्लेख किया गया है।