Vol. 45 No. 1 -2 (2024): भारतीय आधुनिक शिक्षा
Articles

परियोजना-आधारित अधिगम में सहकर्मी आकलन

राहुल कुमार साहु
शोधार्थी, अध्यापक शिक्षा विभाग, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंचानपुर रोड, गया, बिहार – 824236
रिंकी
सहायक आचार्य, अध्यापक शिक्षा विभाग, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, पंचानपुर रोड, गया, बिहार – 824236
कौशल किशोर
आचार्य, शैक्षणिक अध्ययन विभाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली – 110025

Published 2026-07-14

How to Cite

साहु र. क., रिंकी, & किशोर क. (2026). परियोजना-आधारित अधिगम में सहकर्मी आकलन. भारतीय आधुनिक शिक्षा, 45(1 -2), p.96-109. https://doi.org/10.64742/acz7a104

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Abstract

यह शोध-पत्र शैक्षिक आकलन के परिवर्तनकारी परिदृश्य के तीन महत्वपूर्ण पक्षों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है— राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में अनुशंसित आकलन सुधार, परियोजना-आधारित अधिगम (Project-Based Learning – PBL) में प्रयुक्त आकलन विधियाँ तथा परियोजना-आधारित अधिगम वातावरण में सहकर्मी आकलन (Peer Assessment) की भूमिका।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 इक्कीसवीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप समग्र एवं दक्षता-आधारित आकलन पर बल देती है। यह नीति पारंपरिक आकलन प्रतिमानों के स्थान पर ऐसे मूल्यांकन को प्रोत्साहित करती है जो विद्यार्थियों के कौशल, रचनात्मकता, समस्या-समाधान क्षमता तथा वास्तविक जीवन में ज्ञान के अनुप्रयोग को विकसित करे।

परियोजना-आधारित शिक्षण-अधिगम सहयोगात्मक, समस्या-समाधान एवं अनुप्रयोग-उन्मुख आकलन पद्धतियों को अपनाता है, जिससे विद्यार्थियों में समग्र समझ और व्यावहारिक कौशलों का विकास होता है। इस प्रक्रिया में सहकर्मी आकलन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने साथियों के कार्य का मूल्यांकन करते हैं। इससे विषयवस्तु की गहन समझ विकसित होती है तथा आलोचनात्मक चिंतन, प्रभावी संप्रेषण और समूह-कार्य (Team Work) जैसी क्षमताओं का विकास होता है।

यह शोध-पत्र समकालीन शिक्षा में विद्यार्थी-केंद्रित आकलन तकनीकों के स्वरूप तथा उनके प्रभावों का विश्लेषण करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में उनकी प्रासंगिकता को स्पष्ट करता है।