वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा तथा शुरुआती औपचारिक शिक्षा की स्थिति
Published 2026-07-14
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Abstract
वर्तमान समय में भी संपूर्ण भारत में बुनियादी स्तर पर औपचारिक शिक्षा का प्रसार अपेक्षाकृत सीमित स्तर पर है। प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (Early Childhood Care and Education – ECCE) की अवधारणा को व्यवहारिक रूप से पूर्णतः लागू किया जाना अभी शेष है। यह लेख भारत की पूर्व-विद्यालयी प्रणाली में बच्चों की औपचारिक शिक्षा से संबंधित नीतिगत अवधारणाओं का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
लेख में बुनियादी स्तर पर पाठ्यचर्या, पाठ्यक्रम और शिक्षणशास्त्र से जुड़े संप्रत्ययों की वर्तमान स्थिति तथा नीतिगत दृष्टिकोणों का विवेचन किया गया है। साथ ही, वैश्विक मंच पर ई.सी.सी.ई. कार्यक्रमों के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को भी प्रस्तुत किया गया है।
इसके अतिरिक्त, लेख उन दार्शनिकों एवं शिक्षाविदों के विचारों को भी सामने लाता है जिन्होंने बाल्यावस्था, शिक्षा तथा औपचारिक शिक्षा की प्रारंभिक आयु के मध्य संबंधों पर अपने दृष्टिकोण व्यक्त किए हैं। विभिन्न देशों में औपचारिक शिक्षा की शुरुआती आयु से संबंधित आँकड़ों का भी इसमें उल्लेख किया गया है।
लेख में यह रेखांकित किया गया है कि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को वर्ष 2030 तक वास्तविक रूप में प्राप्त करने में ई.सी.सी.ई. की केंद्रीय भूमिका है। साथ ही, बुनियादी स्तर पर औपचारिक एवं अनौपचारिक शैक्षिक प्रयासों की महत्ता को भी स्पष्ट किया गया है। यह लेख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित शोधों और रिपोर्टों की विषयवस्तु का ई.सी.सी.ई. के संदर्भ में विश्लेषण करते हुए तैयार किया गया है।